आपका हक पर्सनैलिटी राइट्स क्या हैं? ऐसे करें खुद का बचाव
पर्सनैलिटी राइट्स सरल भाषा में किसी व्यक्ति की पहचान, छवि, नाम, आवाज, सिग्नेचर स्टाइल और फोटो-वीडियो आदि पर उसके नियंत्रण का अधिकार होते हैं। पर्सनैलिटी राइट्स सिर्फ सेलिब्रिटीज से जुड़े नहीं हैं। एआइ और डीपफेक के इस दौर में किसी की आवाज, चेहरा या छवि का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। देश में पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर अलग कोई कानून नहीं है, लेकिन राइट टू प्राइवेसी और राइट टू पब्लिसिटी के तहत हमें सुरक्षा मिलती है।
अगर कोई आपकी अनुमति के बिना फोटो/वीडियो/नाम का उपयोग करता है। जैसे फेक अकाउंट, डीपफेक, आपकी फोटो से फेक एडवरटाइजमेंट, आपके नाम से पेज चला कर पैसे कमाना आदि, तो DMCA Notice, Social Media Complaint (Instagram/Facebook/Twit ter), IT Act Section 66सी/66डी (फर्जी पहचान), Defamation Case (IPC 499/500) Civil suit for damages आदि का उपयोग कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर अनुचित सामग्री के खिलाफ कोर्ट में जाकर निषेधाज्ञा और हर्जाना मांग सकते हैं।
ये हैं उपाय ?
अपने नाम या ब्रांड
को ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत कराएं। अपनी पहचान की निगरानी करें। गूगल अलर्ट और एल्गोरिदम का उपयोग करें। सोशल मीडिया पर पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन को रोकने के लिए, आप पहचानें कि आपकी कौनसी पहचान (नाम, फोटो, आवाज) का गलत इस्तेमाल हो रहा है। ट्रेडमार्क के लिए आवेदन करें। अपने नाम, हस्ताक्षर या कैचफ्रेज को ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं।
राकेश कुमार बिश्नोई, वकील राजस्थान हाई कोर्ट (Criminal Lawyer).विधी संपादक, मारवाङ अलख
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